समर्पण न्यूज प्रयागराज
अमृत एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट, प्रयागराज एवं गयादीन विश्वकर्मा इण्टरमीडिएट कॉलेज, भिदिउरा, थरवई, प्रयागराज के संस्थापक, समाजसेवी एवं भिदिउरा ग्रामसभा के पूर्व प्रधान स्मृतिशेष अमृतलाल विश्वकर्मा जी की चतुर्थ पुण्यतिथि के अवसर पर गयादीन विश्वकर्मा इण्टरमीडिएट कॉलेज परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं क्षेत्रवासियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए बताया गया कि अमृतलाल विश्वकर्मा जी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और ग्रामीण विकास का सबसे प्रभावी माध्यम माना। ऐसे समय में जब ग्रामीण अंचलों के निर्धन एवं साधनहीन परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना अत्यंत कठिन था, तब उन्होंने दूरदर्शी सोच एवं अथक प्रयासों के बल पर ग्राम पंचायत भिदिउरा के प्रथम इण्टरमीडिएट कॉलेज, गयादीन विश्वकर्मा इण्टरमीडिएट कॉलेज की स्थापना की।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी बालक अथवा बालिका केवल संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से उन्होंने प्राथमिक स्तर से लेकर इण्टरमीडिएट स्तर तक की शिक्षा उपलब्ध कराने का दायित्व उठाया और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी मजबूत नींव रखी, जिसका लाभ आज हजारों विद्यार्थी प्राप्त कर रहे हैं।
उनकी प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में स्थापित अमृत एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट, प्रयागराज, गयादीन विश्वकर्मा इण्टरमीडिएट कॉलेज, भिदिउरा तथा अमृतलाल विश्वकर्मा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय आज भी शिक्षा, संस्कार, सामाजिक जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। इन संस्थानों ने ग्रामीण अंचल के असंख्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके जीवन को नई दिशा देने का कार्य किया है।
श्रद्धेय अमृतलाल विश्वकर्मा जी का जीवन सादगी, कर्मनिष्ठा, जनसेवा और शिक्षा के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण रहा। उनका मानना था कि शिक्षित समाज ही सशक्त समाज का निर्माण कर सकता है। यही कारण है कि उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण भाग शिक्षा के प्रसार और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया।
इस अवसर पर अमृत एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विद्यालय के प्रबन्धक तीर्थराज विश्वकर्मा, प्रधानाचार्य अरविन्द कुमार विश्वकर्मा, बलराम विश्वकर्मा कमलेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, अखिलेश विश्वकर्मा,राम आसरे पाल, शशि कुमार यादव, सुरेन्द्र कुमार, मिथिलेश कुमार, देवेन्द्र कुमार सहित संस्था के पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, क्षेत्रवासी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने अमृतलाल विश्वकर्मा जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए शिक्षा, सेवा और समाजोत्थान के उनके सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।