कागजों में चल रहा नाला खुदाई कार्य? जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
पत्रकार के0 के0 प्रिन्स प्रजापति
प्रतापगढ़: जनपद के विकास खण्ड बिहार की ग्राम सभा देवरपट्टी में मनरेगा योजना के तहत कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग तथा फर्जी तरीके से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान कराने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मनरेगा के तहत विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं, जबकि सरकारी अभिलेखों और पोर्टल पर नियमित रूप से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई जा रही है। आरोप है कि प्रतिदिन लगभग 84 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की जा रही है, लेकिन मौके पर न तो मजदूर कार्य करते दिखाई देते हैं और न ही कोई सक्रिय विकास कार्य नजर आता है। सबसे अधिक सवाल बिहार मेन रोड से प्रमोद के खेत तक प्रस्तावित नाला खुदाई कार्य को लेकर उठ रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इस कार्य को लगातार मनरेगा के अंतर्गत संचालित दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर खुदाई के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले। ग्रामीणों का आरोप है कि पोर्टल पर कथित रूप से फर्जी तस्वीरें अपलोड कर कार्य प्रगति दर्शाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद गांव में अपेक्षित विकास नहीं दिखाई दे रहा है। इससे वास्तविक जरूरतमंद श्रमिकों को रोजगार और मजदूरी का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि बिना कार्य कराए भुगतान कैसे हो रहा है और मजदूरों की उपस्थिति किसके द्वारा दर्ज की जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, मनरेगा विभाग और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी योजना में गंभीर अनियमितता का मामला होगा।