सई तट पर आस्था का भव्य और दिव्य महासंगम, देर रात तक आतिशबाजी और जयकारों से गूंजा बेल्हा देवी धाम
प्रतापगढ़ जनपद में गंगा दशहरा महोत्सव के अवसर पर मां बेल्हा देवी धाम का सई तट मंगलवार शाम भक्ति, आस्था और संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना। 21 हजार दीपों की रोशनी से पूरा धाम जगमगा उठा। घाट से लेकर मंदिर परिसर तक दीपों की अलौकिक छटा ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगी झालरों और फूल-मालाओं से सजे धाम में शाम ढलते ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महोत्सव के दौरान काशी से आए 11 विद्वान पुरोहितों ने शंखध्वनि, घंटा-घड़ियाल और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आदि गंगा मां सई की भव्य महाआरती कराई। आरती के समय पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु मां गंगा के जयकारों से गूंज उठे। महाआरती में सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, जिलाधिकारी अभिषेक पांडे, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा सहित तमाम अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। महाआरती के बाद आयोजन समिति की ओर से जल, नदी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। इसके उपरांत सई तट पर आकर्षक आतिशबाजी का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी रोशनी और पटाखों की गूंज से देर रात तक पूरा क्षेत्र उत्सवमय बना रहा। महोत्सव समिति के अध्यक्ष एवं मां बेल्हा देवी धाम के उप प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह ‘मुन्ना भैया’ ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को मां की कृपा बताया। वहीं संयोजक रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा कि गंगा दशहरा महोत्सव का उद्देश्य आदि मां गंगा सई की पौराणिक महिमा को जन-जन तक पहुंचाना है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कई थानों की पुलिस, महिला पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था। सदर मोड़ से लेकर धाम परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई। श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा यह आयोजन प्रतापगढ़ में आस्था का भव्य प्रतीक बन गया।