साध्वी अंजनी देवानन्द गिरि महाराज के सान्निध्य में गूंजे हर-हर गंगे के जयघोष, भक्ति में सराबोर हुआ अमृत परिसर!!
समर्पण न्यूज़
पंजाब अमृतसर: गढ़मुक्तेश्वर के अमृत परिसर में शुक्रवार को आयोजित गुरु दीक्षा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम बन गया। माँ गंगा के पावन तट पर परम पूज्य श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर साध्वी अंजनी देवानन्द गिरि जी महाराज के दिव्य आगमन पर श्रद्धालुओं ने पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया। पूरे परिसर में "हर-हर महादेव", "हर-हर गंगे" और "जय गुरुदेव" के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। गुरु दीक्षा महोत्सव में दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरुचरणों में नतमस्तक होकर दीक्षा ग्रहण की तथा धर्म, सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक साधना के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान साध्वी अंजनी देवानन्द गिरि ने अपने प्रवचन में कहा कि गुरु केवल मंत्र देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले होते हैं। गुरु की कृपा से व्यक्ति के भीतर ज्ञान, सेवा, करुणा और राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति समर्पण ही आत्मिक उन्नति का सबसे बड़ा आधार है। गुरु कृपा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और मनुष्य ईश्वर से जुड़ने का वास्तविक मार्ग प्राप्त करता है। उनके प्रेरणादायी विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में गुरु दीक्षा प्राप्त करने वाले सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया गया और उनके उज्ज्वल, संस्कारयुक्त एवं आध्यात्मिक जीवन की मंगलकामना की गई। आयोजन में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से जुड़े संतों, शिष्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। माँ गंगा की पावन साक्षी में संपन्न यह गुरु दीक्षा महोत्सव श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति के संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश देकर संपन्न हुआ।