प्रतापगढ़। आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी रानीगंज ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र के विभिन्न ताजिया स्थलों और जुलूस मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों, ताजियादारों तथा गणमान्य नागरिकों से संवाद स्थापित कर पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई।
मोहर्रम इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग ताजिया जुलूस में शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। इसी उद्देश्य से पुलिस अधिकारियों द्वारा पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
क्षेत्राधिकारी रानीगंज ने थाना क्षेत्र के प्रमुख ताजिया स्थलों का निरीक्षण करते हुए वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने जुलूस निकलने वाले मार्गों का भी अवलोकन किया और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि रास्तों में किसी प्रकार की बाधा न हो। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने संभावित संवेदनशील स्थानों की भी पहचान की, जहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय ताजियादारों से मुलाकात कर मोहर्रम के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी ली। इस दौरान जुलूस के समय, मार्ग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम करना है। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों और संभ्रांत व्यक्तियों से भी बातचीत की गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर कई बार भ्रामक सूचनाएं प्रसारित होती हैं, जिससे अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और सत्यापन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें।
पुलिस प्रशासन द्वारा पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की योजना बनाई गई है। प्रमुख चौराहों, बाजारों और जुलूस मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न स्तरों पर निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।
मोहर्रम के दौरान निकलने वाले जुलूसों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
इसे देखते हुए यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने की बात कही कि जुलूस के दौरान आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। जहां आवश्यकता होगी, वहां यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की तैयारियों की सराहना की और आश्वासन दिया कि वे पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में पूरा सहयोग करेंगे। कई नागरिकों ने कहा कि पुलिस और प्रशासन द्वारा समय रहते की जा रही तैयारियां सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन और समाज के बीच बेहतर संवाद अत्यंत आवश्यक होता है। जब दोनों पक्ष मिलकर कार्य करते हैं तो किसी भी प्रकार की समस्या की संभावना काफी कम हो जाती है। प्रतापगढ़ में भी इसी सोच के तहत पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार लोगों से संपर्क किया जा रहा है और उनकी समस्याओं तथा सुझावों को सुना जा रहा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या अफवाह फैलाने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
मोहर्रम पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश देता है। प्रशासन की कोशिश है कि यह पर्व पूरी श्रद्धा, शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न हो। इसी उद्देश्य से पुलिस बल लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रहा है और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है।
प्रतापगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पर्व के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार रहेगा। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सभी नागरिक मिल-जुलकर मोहर्रम पर्व को सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं, ताकि जिले की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता की मिसाल कायम रहे।