समर्पण न्यूज प्रतापगढ़: सरकार की ओर से गोवंश संरक्षण और गौशालाओं में बेहतर व्यवस्थाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन मांधाता विकासखंड के सराय भीमसेन गांव से सामने आई तस्वीरें इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं। यहां संचालित गौशाला से करीब 50 मीटर की दूरी पर खुले स्थान में कई मृत मवेशियों के शव पड़े दिखाई दे रहे हैं। शवों के आसपास कुत्ते मंडराते नजर आ रहे हैं। इससे गौशाला की साफ-सफाई, पशुओं की देखभाल और मृत गोवंश के निस्तारण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। तस्वीर में एक नहीं, बल्कि कई मृत मवेशी खुले स्थान पर पड़े दिखाई दे रहे हैं। कुछ शव काफी क्षतिग्रस्त अवस्था में नजर आते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इन पशुओं की मौत कब हुई और मृत्यु के बाद इनके शवों को खुले में क्यों छोड़ दिया गया। सबसे बड़ा सवाल मृत पशुओं के शवों के निस्तारण को लेकर है। क्या गौशाला संचालक को इसकी जानकारी थी? क्या ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला की नियमित निगरानी की जाती है? क्या ब्लॉक और पशुपालन विभाग के अधिकारी समय-समय पर मौके का निरीक्षण करते हैं? यदि निरीक्षण किया जाता है तो खुले में पड़े शव जिम्मेदारों की नजर से कैसे बच गए? गौशाला में व्यवस्थाओं की जांच की जरूरत: गौशालाओं में गोवंश के लिए चारा, पानी, उपचार, साफ-सफाई और सुरक्षित आश्रय जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि सराय भीमसेन की गौशाला में वर्तमान में कितने पशु दर्ज हैं और पिछले दिनों कितने पशुओं की मृत्यु हुई। मृत पशुओं की मृत्यु का रिकॉर्ड तैयार किया गया या नहीं, यह भी जांच के दायरे में होना चाहिए। तस्वीर के आधार पर पशुओं की मौत का कारण निर्धारित नहीं किया जा सकता। हालांकि खुले में मृत मवेशियों के शव पड़े मिलना अपने आप में गंभीर स्थिति है। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करना चाहिए। साथ ही गौशाला के अभिलेख, पशुओं की संख्या, मृत्यु का रिकॉर्ड, उपचार व्यवस्था और शवों के निस्तारण की प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए। निरीक्षण व्यवस्था पर भी उठे सवाल: यदि गौशाला का नियमित निरीक्षण होता है तो ऐसी स्थिति सामने आने के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? वहीं यदि लंबे समय से निरीक्षण नहीं हुआ है तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। सरकारी योजनाओं की सफलता केवल कागजी आंकड़ों से नहीं, बल्कि मौके पर दिखाई देने वाली व्यवस्थाओं से तय होती है। स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों के बाद अब लोगों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर है। जरूरत है कि मांधाता ब्लॉक प्रशासन और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से गौशाला का निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच कराएं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गौसेवा केवल गौशाला का बोर्ड लगाने या योजनाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय, भोजन, पानी और उपचार उपलब्ध कराने के साथ उसकी मृत्यु के बाद शव का सम्मानजनक एवं नियमानुसार निस्तारण भी व्यवस्था की जिम्मेदारी है। सराय भीमसेन की तस्वीरें इसी व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं।
गौशाला के बाहर खुले में पड़े मिले मृत मवेशी: कुत्ते नोचते रहे शव, गौसेवा के दावों पर सवाल सराय भीमसेन में मृत गोवंश के निस्तारण की व्यवस्था बेपटरी
By - Samarpan News
August 16, 2026
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