प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद से पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। मांधाता थाने में तैनात उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि दारोगा ने शादी का भरोसा दिलाकर विभिन्न होटलों में शारीरिक संबंध बनाए और यहां तक कि काशी विश्वनाथ मंदिर में शादी करने की कसम भी खाई। जब युवती ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने कथित रूप से उसे धमकाना शुरू कर दिया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। शिकायत के आधार पर महिला थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
भदोही में हुई थी पहली मुलाकात
पीड़िता के अनुसार उसकी मुलाकात अर्जुन सिंह से उस समय हुई थी जब वह भदोही जनपद में तैनात थे। बताया गया कि किसी मुकदमे की जांच के दौरान दोनों का संपर्क हुआ। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने शादी का प्रस्ताव रखकर विश्वास जीत लिया। पीड़िता का कहना है कि दारोगा ने खुद को गंभीर रिश्ते के लिए तैयार बताया और भविष्य में विवाह का भरोसा दिलाया।
शादी का वादा कर बनाए संबंध
पीड़िता का आरोप है कि शादी का भरोसा देकर आरोपी ने पिछले लगभग एक वर्ष के दौरान कई बार होटलों में बुलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। हर बार शादी का आश्वासन दिया जाता रहा, जिससे वह उसके झांसे में आती रही। युवती का कहना है कि आरोपी ने कई बार यह विश्वास दिलाया कि वह जल्द ही परिवार की सहमति से विवाह करेगा।
काशी विश्वनाथ में खाई थी शादी की कसम
शिकायत में पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी उसे काशी विश्वनाथ मंदिर ले गया, जहां भगवान के समक्ष शादी करने की कसम खाई। मंदिर में लिए गए इस वचन के कारण उसे पूरा विश्वास हो गया कि आरोपी उससे विवाह करेगा। लेकिन समय बीतने के साथ जब उसने शादी की बात दोहराई तो आरोपी का व्यवहार बदलने लगा।
शादी की बात पर मिलने लगी धमकियां
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। उसने कथित रूप से शादी से इनकार करते हुए संबंध खत्म करने की कोशिश की और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। इससे आहत होकर पीड़िता ने न्याय की मांग करते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की।
एफआईआर दर्ज, कार्रवाई की मांग
काफी प्रयासों के बाद पीड़िता की शिकायत पर महिला थाने में यौन उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो उसके साथ न्याय नहीं हो पाता।
एसपी ने लिया तत्काल संज्ञान
मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग की छवि पर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिस पुलिस पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी होती है, उसी विभाग के एक अधिकारी पर ऐसे गंभीर आरोप लगना चिंता का विषय माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। जांच एजेंसियां पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य प्रमाणों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही हैं। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण तथ्य
मांधाता थाने में तैनात उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह पर गंभीर आरोप।
शादी का झांसा देकर एक वर्ष तक यौन उत्पीड़न करने का आरोप।
काशी विश्वनाथ मंदिर में शादी की कसम खाने का भी दावा।
शादी का दबाव बनाने पर धमकी देने का आरोप।
महिला थाने में एफआईआर दर्ज।
एसपी दीपक भूकर ने आरोपी को निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई।
मामले की विवेचना जारी, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।