महामंडलेश्वर माँ किरन नंदगिरी के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा, शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग
सोनभद्र, दुद्धी। लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड में मासूम छात्रों की असमय मौत से पूरा प्रदेश शोक में डूबा हुआ है। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को बल्कि पूरे समाज को गहरे दुख में डाल दिया है। इसी क्रम में सोनभद्र जनपद के दुद्धी क्षेत्र में विश्व हिंदू महासंघ के तत्वावधान में दिवंगत छात्रों की स्मृति में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा एवं विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश किन्नर प्रकोष्ठ प्रयाग एवं काशी की क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर माँ किरन नंदगिरी ने किया।
श्रद्धांजलि सभा का आयोजन महामंडलेश्वर माँ किरन नंदगिरी के निवास स्थान पर हुआ, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवाओं, महिलाओं तथा किन्नर समाज के लोगों ने पहुंचकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ हुई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने और अपने भविष्य को संवारने के उद्देश्य से घर से निकले मासूम छात्रों का इस प्रकार असमय दुनिया छोड़ देना अत्यंत पीड़ादायक है। यह हादसा केवल कुछ परिवारों की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरा आघात है। उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे हादसे समाज को यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन क्यों नहीं हो रहा है।
श्रद्धांजलि सभा के बाद निकाले गए कैंडल मार्च में सैकड़ों लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मौन भाव से नगर की प्रमुख सड़कों पर मार्च किया। पूरे मार्ग में शोक और संवेदना का वातावरण बना रहा। मोमबत्तियों की रोशनी के बीच हर चेहरा दिवंगत छात्रों की याद में भावुक दिखाई दे रहा था। कई लोगों की आंखें नम थीं और सभी ने एक स्वर में दिवंगत विद्यार्थियों के अधूरे सपनों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने संबोधन में महामंडलेश्वर माँ किरन नंदगिरी ने कहा कि लखनऊ में हुई यह घटना अत्यंत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और हृदय विदारक है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने और जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लिया था, वे आज हमारे बीच नहीं हैं। यह केवल उनके परिवारों की नहीं बल्कि पूरे समाज की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षा संस्थान में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बरती जाती है तो उसका परिणाम बेहद भयावह हो सकता है। इसलिए सरकार, प्रशासन और शिक्षा संस्थानों को मिलकर ऐसे ठोस कदम उठाने चाहिए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामभजन यादव ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार, नियमित सुरक्षा जांच तथा सुरक्षा मानकों का पालन पूरी गंभीरता से कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने श्रद्धांजलि सभा में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुद्धी और रामनगर क्षेत्र के नागरिकों ने इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता का उत्कृष्ट परिचय दिया है।
कार्यक्रम में मौजूद महंत लाडो नंदगिरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज को इस दुखद घटना से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं बल्कि सुरक्षित वातावरण का भी अधिकार है। यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी तभी अभिभावक निश्चिंत होकर अपने बच्चों को शिक्षा के लिए भेज सकेंगे। वक्ताओं ने सरकार से सभी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों की समय-समय पर जांच कराने और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने की मांग की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि आज पूरा प्रदेश उन मासूम छात्रों के परिवारों के दुख में सहभागी है। समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस हादसे से मर्माहत है और सभी की यही प्रार्थना है कि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मीरा नंदगिरी, सरस्वती नंदगिरी, चमेली नंदगिरी, सोनी नंदगिरी, सपना नंदगिरी, लक्ष्मी नंदगिरी सहित विश्व हिंदू महासंघ के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की तथा पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च ने यह संदेश दिया कि दुख की इस घड़ी में पूरा समाज पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। साथ ही यह आयोजन शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर भी गंभीरता से विचार करने का आह्वान करता है, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र का सपना इस तरह दर्दनाक हादसे का शिकार न बने।